श्रीराम जन्म पर श्रोता भावविभोर हुए

श्री राम जन्म पर पुष्पवर्षा करते सहारनपुरवासी !

श्री राम जन्म पर पुष्पवर्षा करते सहारनपुरवासी !

सहारनपुर – २७ अप्रैल ।  आज सहारनपुर वासियों ने प्रभु श्रीराम के जन्म पर आह्लादित होकर लड्डू बांटे, बधाइयां ली और दीं !  बड़ा मंदिर श्री जमना दास, नवाब गंज चौक पर चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन आज आचार्य प्रवर पं. पद्मनाभ ने जब सभा मंडप में उपस्थित श्रोताओं को श्रीराम जन्म की कथा सुनाई तो समूचा समाज हर्षातिरेक में डूबने – उतराने लगा।  अपनी संगीतमय श्रीराम कथा में आचार्य पद्मनाभ ज्ञान और भक्ति का अद्‌भुत मिश्रण श्रद्धालुओं को परोस रहे हैं, जिसको जो चाहिये, ले ले ।

आचार्य प्रवर पं. पद्मनाभ रामकथा का मनोहारी संगीतमय वर्णन करते हुए

आचार्य प्रवर पं. पद्मनाभ रामकथा का मनोहारी संगीतमय वर्णन करते हुए

श्रीराम कथा महोत्सव के प्रथम दिन अग्रवाल धर्मशाला से शोभायात्रा बड़ा मंदिर, नवाबगंज चौक तक आई और कथा में आचार्य ने भक्त शिरोमणि, ज्ञान शिरोमणि पवनसुत हनुमान का मनोहारी चित्रण प्रस्तुत किया।  शिव पार्वती विवाह पर बोलते हुए महाराज ने कहा कि शिव- पार्वती का विवाह विश्वास एवं श्रद्धा का मिलन है और विश्वास में श्रद्धा के मिलन से बुद्धि और पुरुषार्थ का जन्म होता है।  वहीं से परमात्मा का प्राकट्य होता है।  प्रभु का प्राकट्य हमारे अन्तःकरण में कैसे हो, इस पूरी साधना प्रक्रिया पर उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला।  शिव के वास्तविक स्वरूप का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि शिव के पास पहुंच कर समस्त द्वेष, विकार, राग आदि समाप्त हो जाते हैं।  उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सांप चूहे का दुश्मन है, मोर सांप का दुश्मन है पर शिव के आंगन में सब वैर भाव और भय से परे अठखेलियां करते हैं, वहां किसी को किसी से भयभीत होने की जरूरत नहीं है।  यही शिवत्व है।

विशाल महिला समाज

विशाल महिला समाज

आबाल वृद्ध - सभी श्री रामकथा श्रवण में तल्लीन !

आबाल वृद्ध – सभी श्री रामकथा श्रवण में तल्लीन !

भावविभोर महिलायें

भावविभोर महिलायें

श्रीरामकथा के आयोजन में सहयोगी मातृशक्ति !

श्रीरामकथा के आयोजन में सहयोगी मातृशक्ति !

श्री राम के बालरूप में सुसज्जित एक बालक

श्री राम के बालरूप में सुसज्जित एक बालक

श्रीराम कथा आगामी ३ मई तक चलती रहेगी।  श्रीरामकथा महोत्सव के आयोजन में संजीव मित्तल, अश्वनी माहेश्वरी, हेमन्त राठी, विजय बलोधी, सचिन मोना, पंकज अग्रवाल, जय प्रकाश माहेश्वरि, फतेहचन्द, राकेश, राजीव, आलोक, प्रदीप माहेश्वरी, सिद्धार्थ, आशीष मित्तल व बड़ा मंदिर महिला मंडल का विशेष योगदान रहा है।

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रोटरी करायेगा बच्चों का आपरेशन

सहारनपुर – २४ अप्रैल ।    जॉली ग्रांट से आयी चिकित्सकों की Smile Train टीम ने आज रोटरी क्लब सहारनपुर साउथ और रोटरी क्लब सहारनपुर कॉंटिनेंटल द्वारा आयोजित किये गये शिविर में ४५ बच्चों को शल्य क्रिया के लिये चिह्नित किया।   अब ये बच्चे जॉलीग्रांट हास्पिटल में भेजे जायेंगे ताकि उनके कटे-फटे होंट व तालू का निःशुल्क आपरेशन किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि पिछले अनेक वर्षों से रोटरी क्लब ने सहारनपुर जनपद के बच्चों को इस विकृतिकारी बीमारी से सदा-सदा के लिये छुटकारा दिलाने का अभियान छेड़ा हुआ है।   अभियान के इस चरण में रोटरी क्लब ने ४५ बच्चों की शल्यक्रिया कराने का जिम्मा लिया है।  इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए सहायक मंडलाध्यक्ष रोटेरियन अनिल मदान,  संस्थाओं के सचिव संजय सिंहल व अर्पण कुमार ने बताया कि तालू की शल्यक्रिया दस मास के भीतर करा लेनी चाहिये।  रोटरी के पूर्व सहायक मंडलाध्यक्ष रोटेरियन स. कुलजीत सिंह ने बच्चों के अभिभावकों को बताया कि शल्य क्रिया तभी संभव है जब बच्चे और किसी बीमारी से उस समय पीड़ित न हों अतः अभिभावकों को चाहिये कि अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें और उनको खून की कमी न होने दें और सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार आदि बीमारियों से उनको बचा कर रखें।   जॉली ग्रांट से आये डा. दीपक और उनकी टीम ने शिविर में आये हुए सभी बच्चों का गहन परीक्षण किया और जो – जो बच्चे ऐसे मिले जिनका आपरेशन संभव है, उन सब का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया।

इस अवसर पर रोटे. रामकुमार इंदौरिया और रोटे. विक्रम राज कपूर ने रोटरी क्लब की सेवा गतिविधियों का परिचय देते हुए बताया कि रोटरी वर्ष 1905 से लेकर आज तक विश्व भर में अपनी विभिन्न सेवा गतिविधियों के जरिये लोगों के दिलों में अपने लिये जगह बनाता आ रहा है।  पूरे विश्व से पोलियो का जड़ से उन्मूलन करने का रोटरी का संकल्प है इसके लिये विभिन्न देशों की सरकारों को साथ में लेकर रोटरी संस्था पल्स पोलियो अभियान संचालित कर रही है और इसका सारा खर्च वहन कर रही है।

शिविर की सफलता में रोटेरियन विवेक मनोचा, रोटे. अनिल मदान, रोटे. कुलजीत सिंह, रोटे. संजय सिंहल,  रोटे. रामकुमार इंदौरिया, विक्रमराज कपूर आदि ने बढ़ – चढ़ कर सहयोग किया ।

Ranjana Neb qualifies for DID “Super Mom” show

Ranjana Neb with her Power Wings!

Ranjana Neb with her Power Wings!

Saharanpur – 24 April.  Ranjana Neb, the dance guru and Ranjana didi for her hundreds of students, has qualified for the Super Mom show on Zee TV.  Breaking this news to thesaharanpur.com, Atul Neb, Secretary of Vaishnavi Nrityalaya felt quite elated that Bollywood’s celebrated choreographers e.g. Farah Khan and Murphy highly appreciated dance performance of Ranjana Neb.  As if it were not enough for a full celebration in Saharanpur, Shreya Singhal, Sarvesh Bhardwaj, Vasundhara and Kavya have also passed the 6th round for Dancing Super Star.  

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Shreya Singhal is now all set to appear in 7th round in SOLO category.  Sarvesh Bhardwaj, Vasundhara and Kavya have also qualified for the 7th round in TRIO category.

Till 6th round, the jury had the last say in deciding the quality of performance of a dancer but from 7th round, it is audience vote that becomes the major deciding factor which is of course, a pity.  It is therefore, upto the TV watching population of Saharanpur how much SMS they can send to support these wonderful child artists of their city.

Khushi and Tejaswi, two another brilliant kids of Saharanpur, have not gained entrance into the 7th round and are therefore wished better luck next time.

Rahul Bisht wins Championship

Rahul Bisht (Token No.18) stood first in the championship.

Rahul Bisht (Token No.18) stood first in the championship.

Saharanpur : 22 April :  Rahul Bisht,  Dehradun’s famed body builder stole the hearts of audience and judges with his sculpted body frame in INDIA SPARK Body Building Championship held in J V Jain Degree College today.  2nd position was held by Nadeem of Saharanpur, who enjoyed immense popularity among the local crowd.  The 3rd spot went to Vijay Bahadur.  Total 35 participants appeared on stage from various states of India in this prestigious championship.  Continue reading

Welcome to Literary World Dr. Banerjee

सहारनपुर २१ अप्रैल ।   दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में आयोजित  आई.एम.ए. के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए द सहारनपुर डॉट कॉम के संस्थापक संपादक सुशान्त सिंहल ने  सहारनपुर के प्रख्यात बालरोग विशेषज्ञ डा. विवेक बैनर्जी,  के अंग्रेज़ी कथासंग्रह ’शेड्स ऑफ सिन’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि  डा. विवेक बैनर्जी ने उपन्यासकार और कथाकार के रूप में स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित कर के यह सिद्ध कर दिया है कि वह एक ऐसे बहुआयामी चिकित्सक हैं जो अपनी चिकित्सकीय योग्यता के बल पर बच्चों के शारीरिक रोग दूर कर रहे हैं और अपनी लेखन क्षमता के सहारे समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को दूर कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि डा. विवेक बैनर्जी ने जो विषय अपनी कथाओं के लिये उठाये हैं, वह बहुत साहस पूर्ण कार्य है। Continue reading

कैरियर प्रशिक्षण अभियान

Career Counselling Workshop at SIMT, Saharanpur

Career Counselling Workshop at SIMT, Saharanpur

सहारनपुर २१ अप्रैल –  आज के दौर में जबकि नौकरी पाने के लिये प्रतिस्पर्द्धा कठिन और अधिक कठिन होती जा रही है,  सहारनपुर के छात्र-छात्राएं महानगरों की तुलना में किसी भी ढंग से कमतर साबित न हों, यह उद्देश्य लेकर द सहारनपुर डॉट कॉम ने सहारनपुर के युवाओं को कैरियर को संवारने हेतु प्रशिक्षण का अभियान हाथ में लिया है, जिसके अन्तर्गत आज सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट टैक्नोलोजी के छात्र-छात्राओं के लिये संस्थान के परिसर में कैरियर काउंसिलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया।  द सहारनपुर डॉट कॉम के संस्थापक संचालक सुशान्त सिंहल, जो शिवालिक बैंक में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख भी हैं, ने कार्यशाला में भाग ले रहे बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए, पीजीडीबीएम तथा पीजीडीसीए के छात्र-छात्राओं को बताया कि वह जो तकनीकी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वह तो आवश्यक है ही, उसके अलावा व्यवहार कुशलता एवं कार्यकुशलता का महत्व भी बहुत अधिक है।  उन्होंने सिम्त संस्थान के छात्र-छात्राओं की कैरियर संबंधी अनेकानेक जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि नौकरी चाहने वाले प्रत्याशियों के सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वह पहले ही राउंड में बाहर न हो जायें इसके लिये उनको क्या क्या करना चाहिये। Continue reading

आओ सब मिल रोग भगायें !

कटे तालू से पीड़ित एक बच्चा

कटे तालू से पीड़ित एक बच्चा

क्या आप ऐसे किसी बच्चे को जानते हैं जिसके होंठ या तालू कटा हुआ हो? यदि हां, तो आप बिना किसी खर्च के उसका बहुत बड़ा उपकार कर सकते हैं। “रोटरी क्लब सहारनपुर साउथ” और “रोटरी क्लब सहारनपुर कांटिनेंटल” संयुक्त रूप से आगामी 24 अप्रैल को एक कैंप का आयोजन कर रहे हैं जिसमें जॉली ग्रांट के चिकित्सकों की टीम आकर ऐसे बच्चों को चिह्नित करके अपने साथ ले जायेगी जिनको ऑपरेशन द्वारा ठीक किया जा सकता है।

इस कैंप के बारे में सूचना देते हुए रोटरी के सहायक मंडलाध्यक्ष रोटेरियन अनिल मदान ने बताया कि यह कैंप रोटरी भवन, जनमंच के निकट, सहारनपुर में २४ अप्रैल को लगाया जायेगा जिसमें रोटे. मनमोहन सिंह, गवर्नर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। चिकित्सकों की एक टीम गांव – गांव में घूम कर ऐसे बच्चे तलाश रही है, जो इस शारीरिक विकृति के शिकार हैं और जिनको उचित चिकित्सा देकर बिल्कुल ठीक किया जा सकता है।

श्री रामकथा ज्ञान महोत्सव

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सहारनपुर – 19 अप्रैल ।   बड़ा मंदिर श्री जमना दास (रजि.) के तत्वावधान में आगामी 25 अप्रैल से 3 मई तक  आचार्य पद्मनाभ के श्रीमुख से सहारनपुर वासियों को श्री रामकथा श्रवण का सुख मिलने जा रहा है।   आचार्य पद्मनाभ विश्व विख्यात राष्ट्रसंत स्वामी चिन्मयानन्द जी के योग्य शिष्य हैं और प्रारंभ से ही सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।   मानस के गूढ़ व गंभीर तात्विक चिन्तन को अत्यन्त सरल, सरस व संगीतमयी शैली में व्यक्त करने की उनकी वाणी में अद्‌भुत क्षमता है, जो हमें मानस को समझने में एक सर्वथा नवीन दृष्टिकोण देती है।

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रामकथा महोत्सव का शुभारंभ वृहस्पतिवार, 25 अप्रैल को अग्रवाल धर्मशाला में होगा जहां से प्रातः 10 बजे कथा स्थल तक शोभायात्रा जायेगी।  मानस कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 3.30 से सायं  6.30 तक चलेगा।  कथा को विश्राम 3 मई 2013 को प्रात: 10 बजे होगा व भंडारा 11.30 तक चलेगा।

आप सभी सादर आमंत्रित हैं।

बिना कन्याओं के कन्या पूजन

रामनवमी, नवरात्र, कन्या पूजन, कन्या भ्रूण हत्या

कालोनी में पूजन हेतु 9 कन्याओं को ढूंढ पाना असंभव होने लगा है!

वर्ष में दो बार नव रात्र में देवी के विभिन्न रूपों की आराधना और नवमी वाले दिन कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन करा कर, देवी समान मानते हुए उनका पूजन करना, उनको भेंट अर्पण करके विदा करना सनातन काल से चली आ रही हिन्दू परम्परा है जिसका निर्वहन आज भी घर – घर में हो रहा है।   परंपरा भले ही अक्षुण्ण हो पर अब और कितने वर्ष चल पायेगी, यह कहना कठिन है।  कारण है – अधिकांश हिन्दू परिवारों में कन्याओं के जन्म को लेकर होने वाली हाय-तौबा!    पहले तो कन्याओं को जन्म लेने ही नहीं दिया जाता ।  अल्ट्रासाउंड परीक्षण द्वारा सबसे पहले यह जांच पड़ताल करा ली जाती है कि गर्भ में बालक है या बालिका।   यदि बालिका हो तो उसे  गर्भ में ही मार डालने की योजना तुरन्त बना ली जाती है।    यदि भ्रूण हत्या किसी वज़ह से संभव न हो पा रही हो तो बालिका के जन्म लेते ही घर की महिलाएं – सास, जेठानी, ननद आदि प्रसूता के प्रति ऐसा लज्जाजनक व्यवहार करने लगती हैं मानों उसने कन्या को नहीं, किसी मेंढकी को जन्म दे दिया हो।    नारी ही नारी की दुश्मन बन जाती है।    आश्चर्य तो यह है कि यह सब उस समाज में हो रहा है जिसमें कभी ’यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’  का संदेश जन-जन में प्रवाहित होता था।    नारी की हेय स्थिति के लिये पुरुषप्रधान मानसिकता को दोषी ठहराना किस हद तक सत्य है, कहना मुश्किल ही है क्योंकि महिलाओं के प्रति घरों में ज्यादा अत्याचार महिलाओं द्वारा ही किये जाते हैं, खास तौर पर इमोशनल अत्याचार !

कन्या पूजन के लिये जब पूरे मुहल्ले में ढूंढ़ ढूंढ कर भी नौ कन्याएं जुटाना मुश्किल पड़ने लगता है तो बालकों को ही निमंत्रित कर लिया जाता है कि चलो भई, तुम ही आ जाओ !   कुछ वर्षों तक ऐसे ही चलता रहा तो इतिहास की पुस्तकों में पढ़ने को मिलेगा कि प्राचीन काल में नवरात्रों में कन्याओं का पूजन  हुआ करता था पर बाद में नारी जाति धीरे – धीरे समाप्त हो गई तो पुरुषों का पूजन आरंभ हो गया ।

पर लाख टके का प्रश्न तो ये है कि यदि हर गर्भ में से लड़कियों का बोरिया – बिस्तर जन्म से पहले ही बांधा जाता रहा तो फिर लड़कों को पैदा करने के लिये मां कहां से आयेंगी ?

हम अपने पाठकों से जानना चाहेंगे कि वह इस बारे में क्या सोचते हैं?