साक्षात्कार बजरंग दल से

पिछले रविवार १४ अप्रैल २०१३ को सहारनपुर में बजरंग दल की ओर से ’कार्यकर्त्ता अभ्यास शिविर’ का आयोजन किया गया था।  इस शिविर में भाग लेने वाले पदाधिकारियों में श्री बलराज खुंगर बजरंग दल के मेरठ प्रांत (जिसमें सहारनपुर सहित २१ जनपद सम्मिलित हैं) के संयोजक, सहारनपुर महानगर के कार्याध्यक्ष श्री जयपाल शर्मा आदि भी सम्मिलित थे।  इन पदाधिकारियों से द सहारनपुर डॉट कॉम पोर्टल की बातचीत हुई। इस बातचीत से बजरंग दल की गतिविधियों व हिन्दू समाज से इस संस्था की अपेक्षाओं के बारे में  समझने में कुछ मदद मिली।  प्रस्तुत हैं इसी बातचीत के कुछ अंश !

प्रश्न – बजरंग दल और विहिप का आपस में क्या संबंध है?

उत्तर – बजरंग दल विहिप की युवा इकाई है और दुर्गा वाहिनी विहिप की ही महिला इकाई है। बजरंग दल हिन्दू युवाओं को जागृत करने का कार्य कर रहा है।  हमारा मुख्य ध्येय अयोध्या में श्रीराम मंदिर की स्थापना है। इस मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को हम दूर करने के लिये कृतसंकल्प हैं।

प्रश्न – पिछले १० वर्षों में बजरंग दल ने देश व हिन्दू समाज के हित में क्या – क्या कार्य किये हैं?

उत्तर – आपको ध्यान होगा कि अमरनाथ यात्रा को लेकर इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा दी गई धमकी के बाद इस यात्रा पर संशय के बादल छा गये थे। पर बजरंग दल ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा अपने ऊपर लिया और आज तक यह यात्रा सुरक्षित रूप से संचालित होती आ रही है।

प्रश्न – पर क्या ये सच नहीं है कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा हमारे देश की सेना संभालती है? क्या बजरंग दल के पास आतंकवादियों के हमलों को नाकाम करने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण और हथियार मौजूद हैं?

प्रश्न – यह बिल्कुल सही है कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा हमारी सेना कर रही है पर अगर अमरनाथ यात्री होंगे ही नहीं तो सेना सुरक्षा किस की करेगी? देश भर से अमरनाथ यात्रा पर हिन्दू तीर्थयात्रियों को भेजने का जिम्मा बजरंग दल ने संभाला हुआ है।

प्रश्न – आप इतने वर्षों से समाज के बीच में जागरण का कार्य कर रहे हैं पर जागरण होता नहीं दिखाई दे रहा है।  आपने अपना मुद्दा सिर्फ राम मंदिर की स्थापना को बना रखा है। यह मुद्दा हिन्दू समाज को प्रिय अवश्य है पर इसे लेकर वह बहुत उत्साहित नज़र नहीं आ रहा है।  हिन्दू समाज की अन्य अनेकानेक समस्याएं हैं जिन पर आप कुछ नहीं बोलते। क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि यदि आप समाज की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के लिये कार्य करेंगे तो जनता के बीच में आपकी बेहतर पहचान बन सकेगी, जनता आपसे जुड़ाव अनुभव करेगी?

उत्तर – हम धार्मिक संस्था हैं अतः हमारा कार्यक्षेत्र धार्मिक ही है। यदि आप महंगाई और भ्रष्टाचार आदि की बात कर रहे हैं तो ये जनता की व्यक्तिगत समस्याएं हैं।  एक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के रूप में हम व्यापक हिन्दू समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दे ही अपने हाथ में लेते हैं – जैसे गौरक्षा, श्री राम मंदिर स्थापना आदि !

प्रश्न – महिलाओं की सुरक्षा क्या धर्म से जुड़ा मुद्दा नहीं है?  आप महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को अपना प्रमुख मुद्दा क्यों नहीं बना सकते?  समाज में महिलाएं स्वयं को असुरक्षित अनुभव करने लगी हैं।  देश भर में निर्भया की घटना के बाद इतने आंदोलन हुए, प्रदर्शन हुए, कैंडिल मार्च निकले पर इस सब में विहिप, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी कहीं नज़र नहीं आये? यदि बलात्कारियों में कोई मुस्लिम होता तो ही वह आपके लिये धर्म की रक्षा का मुद्दा होता क्या?  आप ऐसा कुछ प्रयास क्यों नहीं करते कि कोई भी महिला अपनी सुरक्षा को खतरे में देख कर बजरंग दल को फोन करे और आप तुरंत उसकी रक्षा का उपाय करें?  महिला हेल्पलाइन शुरु करना भी तो धर्म की रक्षा करने जैसा ही कार्य है।

उत्तर – हमने हिन्दू हैल्पलाइन शुरु की हुई है।  विभिन्न नगरों में हमारे पदाधिकारी इसे संचालित करते हैं।  जब भी कहीं कोई घटना घटित होती है, हमारे पदाधिकारी वहां पहुंच कर राहत कार्य में जुट जाते हैं।  अभी कुछ ही दिन पूर्व एक हिन्दू दलित युवती को एक मुसलमान युवक ने अपहरण कर लिया था…

प्रश्न – घटना घट जाने के बाद सहायता उपलब्ध कराना एक बात है और घटना घटित ही न हो सके, ऐसा माहौल बनाना दूसरी बात है।  आप ऐसा माहौल क्यों नहीं बना सकते कि किसी की हिम्मत ही न हो कि वह किसी महिला की ओर तिरछी नज़र कर सके?  यदि आप कुछ ऐसी व्यवस्था कर सकें कि बजरंगदल के कार्यकर्त्ताओं की उपस्थिति मात्र से महिलाओं व समाज के अन्य असहाय वर्गों में सुरक्षा की भावना जागृत हो जाये, उनका आत्मविश्वास लौट आये तो इससे बढ़कर हिन्दू समाज की और धर्म की रक्षा क्या होगी?  स्वामी विवेकानन्द ने “नर सेवा ही नारायण सेवा” का मंत्र दिया था, आप उसी को क्यों नहीं अपना लेते?  यदि आप हिन्दू हित की ही बात करते हैं तो हिन्दू महिलाओं की सुरक्षा का संकल्प ले लीजिये। आप हिन्दू युवतियों के लिये जुडो – कराटे के प्रशिक्षण का भी प्रबन्ध कर सकते हैं।  आप ऐसा माहौल बना सकते हैं कि बजरंग दल का एक भी कार्यकर्त्ता आस-पास हो तो किसी असामाजिक तत्व को वहां से भाग जाने में ही अपनी भलाई नज़र आये।   सारे हिन्दू परिवार आपके मुरीद हो जायेंगे।

उत्तर – अच्छा सुझाव है।

प्रश्न – एक जमाना था कि पांच – चार छात्र बस या ट्रेन में चढ़ते थे तो महिलाओं, युवतियों, वृद्धों में साहस बढ़ जाता था कि अब इन छात्रों के होते उनके साथ कुछ बुरा नहीं हो सकता। ये उनकी हर मुसीबत से रक्षा कर लेंगे। पर अब पांच – सात युवक किसी बस में या ट्रेन में एक साथ चढ़ें तो अन्य यात्रियों, खास तौर पर युवतियों और वृद्धों का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। क्या इस माहौल को पुनः सुधारना आपका ध्येय नहीं बन सकता?

उत्तर – हिन्दू परिवारों में भी धर्म की और हिन्दू संस्कृति की स्थापना अति आवश्यक है। हमारे परिवारों की महिलाएं भी जींस टॉप पहनने लगी हैं, स्कूटी पर घूमती हैं, परिवारों को उन पर नियंत्रण करना चाहिये।  अभी फिलहाल तो हम १३ मई तक आध्यात्मिक बल के जागरण में लगे हुए हैं जिसके लिये “श्रीराम जय राम जय जय राम”  मंत्र की १३ मालाएं हर किसी को जप करनी हैं।

प्रश्न – हमने आपके सम्मुख जो मुद्दे और सुझाव रखे हैं, क्या विहिप, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी उन पर गंभीरता पूर्वक मनन करेगी?

उत्तर – अवश्य।

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