Welcome to Literary World Dr. Banerjee

सहारनपुर २१ अप्रैल ।   दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में आयोजित  आई.एम.ए. के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए द सहारनपुर डॉट कॉम के संस्थापक संपादक सुशान्त सिंहल ने  सहारनपुर के प्रख्यात बालरोग विशेषज्ञ डा. विवेक बैनर्जी,  के अंग्रेज़ी कथासंग्रह ’शेड्स ऑफ सिन’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि  डा. विवेक बैनर्जी ने उपन्यासकार और कथाकार के रूप में स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित कर के यह सिद्ध कर दिया है कि वह एक ऐसे बहुआयामी चिकित्सक हैं जो अपनी चिकित्सकीय योग्यता के बल पर बच्चों के शारीरिक रोग दूर कर रहे हैं और अपनी लेखन क्षमता के सहारे समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को दूर कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि डा. विवेक बैनर्जी ने जो विषय अपनी कथाओं के लिये उठाये हैं, वह बहुत साहस पूर्ण कार्य है।

Dr. Vivek Banerjee, Dr. S.S. Kumar, Dr. Poonam Kumar and Sushant Singhal at IMA's Medicon-2013.

Dr. Vivek Banerjee, Dr. S.S. Kumar, Dr. Poonam Kumar and Sushant Singhal at IMA’s Medicon-2013.

उल्लेखनीय है कि ’शेड्स ऑफ सिन’ में डा. बैनर्जी और उनके सह-कथाकारों ने  विभिन्न प्रकार के प्रलोभन व मानसिक आवेगों में फंस कर अच्छे भले मनुष्य का क्या बुरा हाल हो सकता है, यह इन 25 कहानियों के कथा-संग्रह में अभिव्यक्त किया है।  उनकी रचनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह रहस्य और रोमांच से भरपूर हैं ।  आप एक बार उनको पढ़ना आरंभ कर दें तो कहानी पूरी किये बिना पुस्तक छोड़ना असंभव हो जाता है।    डा. विवेक बैनर्जी, जो बैन के नाम से लिखते हैं,  की भाषा शैली अत्यन्त सरल व सीधी सादी है।  चिकित्सकीय जीवन पर आधारित उनकी पुस्तक The Long Roads को पाठकों व समीक्षकों ने काफी सराहा है।

इस अवसर पर डा. पूनम कुमार, डा. रजनीश दहूजा और प्रख्यात नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. एस.एस. कुमार ने  डा. विवेक बैनर्जी की साहित्यिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी पहली पुस्तक ’द लॉंग रोड्स’ 2010 में  प्रकाशित हुई थी जिसे हमारे देश के अंग्रेज़ी भाषा के पाठकों ने बहुत सराहा है और इसके बाद वह नियमित रूप से लिखते रहते हैं।  Shades of Sin पच्चीस कहानियों का एक कथा संग्रह है जिसमें छः नये लेखकों की रचनायें हैं।   इन पच्चीस कहानियों को तीन भागों में बांटा गया है – Light Grey, Dark Grey and Black.  ये वर्गीकरण मानसिक विकारों व प्रलोभनों के आधार पर है।  इस पुस्तक में डा. विवेक बैनर्जी के अतिरिक्त आनन्दिता चावला, सक्षम अग्रवाल, उपनीत ग्रोवर, वृन्दा बालिगा, श्रीलता चक्रवर्ती की रचनायें संकलित हैं।   चूंकि इस कथा-संग्रह में अधिकतम रचनायें डा. विवेक बैनर्जी की हैं, इसलिये इस पुस्तक को मूलतः डा. बैनर्जी की कहा जा सकता है।

मैडिकोन – २०१३  के नाम से आयोजित इस वार्षिक सम्मेलन में अपोलो इन्द्रप्रस्थ, नई दिल्ली व मैक्स नई दिल्ली जैसे विश्वविख्यात हॉस्पिटल के  वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ अपने अपने विषय पर व्याख्यान देने हेतु सम्मिलित हुए हैं।   कार्यक्रम में  सहारनपुर नगर के सभी वरिष्ठ चिकित्सक – डा. संजीव मित्तल, डा. आर.एस. त्यागी, डा. एस.एस. कुमार, डा. एस.के. गोयल,  डा. ए.के. जैन, डा. अरुण अनेजा (कार्यक्रम संयोजक), डा. संजीव अग्रवाल (सचिव आई.एम.ए.), डा. एस.एन. शर्मा, डा. अंकुर उपाध्याय, डा. नूतन उपाध्याय, डा. आर.के. सैनी आदि  की उपस्थिति  उल्लेखनीय रही।

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