पुनर्जीवन एक परम्परा का

सहारनपुर – १३ अप्रैल ।    ऐतिहासिक स्थली बाबा लाल दास बाड़ा घाट पर आज बैसाखी पर्व पर एक विशाल मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्‌घाटन सहारनपुर के पूर्व मंडलायुक्त व सुविख्यात साहित्यकार आर.पी. शुक्ल, नगर आयुक्त डा. नीरज शुक्ला,  अपर जिलाधिकारी डा. चंद्रभूषण त्रिपाठी, पद्मश्री भारत भूषण व डा. एस.के. उपाध्याय ने गंगा की पूजा अर्चना व घाट पर नारियल फोड़ कर किया। मेले का आयोजन पांवधोई बचाव समिति, श्रीराम लीला कमेटी (रजि.) व श्रीरामलीला संपत्ति कमेटी द्वारा नगर निगम के सहयोग से किया गया था। Continue reading

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पांवधोई पर बैसाखी मेला

बाबा लालदास जी के सदियों पुराने प्रसिद्ध बाड़े पर स्थित मंदिर

बाबा लालदास जी के सदियों पुराने प्रसिद्ध बाड़े पर स्थित मंदिर

सहारनपुर –  पांवधोई बचाओ समिति और अनेकानेक सहयोगी संस्थायें मिल कर इस वर्ष से एक पुरानी, बिसरा दी गई परम्परा की पुनः शुरुआत करने जा रहे हैं।  Continue reading

पांवधोई एवं जल जागरुकता

सहारनपुर : 28 मार्च । सहारनपुर की पांवधोई नदी के पुनरुद्धार के लिये पांवधोई बचाव समिति एक बार पुनः कमर कस रही है। आई.एम.ए. सभागार में आयोजित की गई “पांवधोई एवं जल जागरुकता गोष्ठी” में इस आयोजन के सूत्रधार डा. नीरज शुक्ला सहित सभी वक्ताओं ने पेय जल की निरन्तर घट रही मात्रा को लेकर चिन्ता व्यक्त की और जन जागरण की आवश्यकता पर जोर दिया। Continue reading

पांवधोई एवं जल जागरुकता

पांवधोई के तट पर नगर निगम के कूड़ा संग्रह केन्द्र।

पांवधोई के तट पर नगर निगम के कूड़ा संग्रह केन्द्र।

सहारनपुर : 28 मार्च । सहारनपुर की पांवधोई नदी के पुनरुद्धार के लिये पांवधोई बचाव समिति एक बार पुनः कमर कस रही है। आई.एम.ए. सभागार में आयोजित की गई “पांवधोई एवं जल जागरुकता गोष्ठी” में इस आयोजन के सूत्रधार डा. नीरज शुक्ला सहित सभी वक्ताओं ने पेय जल की निरन्तर घट रही मात्रा को लेकर चिन्ता व्यक्त की और जन जागरण की आवश्यकता पर जोर दिया। Continue reading

होली पर समझदारी दिखाई इस बार सहारनपुर वासियों ने

विष्णु मंदिर, माधव नगर पर होलिका दहन

सहारनपुर – 26 मार्च ।  होलिका दहन के नाम पर हर मुहल्ले में हज़ारों कुंतल बेशकीमती लकड़ी को प्रति वर्ष स्वाहा कर दिया जाना हर समझदार व्यक्ति को विचलित करने के लिये पर्याप्त है।   और यदि इतना काफी न हो, तो अगले ही दिन, एक ऐसे शहर में जिसमें भूजल का स्तर खतरनाक ढंग से नीचे, और नीचे जा रहा हो, हज़ारों लाखों गैलन पानी को सड़कों पर यूं ही बहा देना भयावह है ! Continue reading