सियासी चुटकियां

सहारनपुर के लब्धप्रतिष्ठ पत्रकार एवं कवि डा. वीरेन्द्र आज़म ने द सहारनपुर डॉट कॉम के लिये सियासी चुटकियां भेजी हैं और वायदा किया है कि वह हमारे पाठकों का अपनी चुटकियों से आगे भी मनोरंजन करते रहेंगे।   प्रस्तुत है सियासी चुटकियों की पहली किश्त …

मोदी जी ने भर लई, सत्ता की हुंकार,
सोनिया ने भी थमा दई, राहुल को पतवार।
राहुल को पतवार, फूल खिलने से रोको,
मकसद पूरा हो, साधन कितने भी झोंको!!

केजरी ने है कर दिया, ’भ्रष्टों’ का ऐलान,
पूरी सूची पढ़ गये, रख शीला का ध्यान।
रख शीला का ध्यान, बात पर कायम,
संग राहुल के आये, माया और मुलायम॥

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– डा. वीरेन्द्र आज़म,
प्रेस लेन, मल्हीपुर रोड, निकट जैन कालिज, सहारनपुर

सितंबर २०१३

केन्द्र की आयात-निर्यात नीति दोषपूर्ण : भारतीय किसान संघ

भारतीय किसान संघ ने बकाया गन्ना भुगतान न मिलने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि गन्ना मिल माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना कर रही हैं।  बाढ़ से पहले से ही सताये हुए किसान अपने गन्ने का भुगतान न दिये जाने के कारण भुखमरी के कगार पर आ पहुंचे हैं और सरकार की ओर से भी कोई राहत नहीं मिल रही है।

भारतीय किसान संघ के महामंत्री श्यामवीर त्यागी ने कहा कि केन्द्र की आयात-निर्यात नीति दोषपूर्ण होने का खमियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।   सरकार सिर्फ डीज़ल, पैट्रोल, खाद, बीज, दवाई और खाद्यान्नों के दाम बढ़ाये चली जा रही है । उन्होंने कहा कि ये सरकार 2014 में जायेगी पर किसानों को पूरी तरह से बरबाद करके ही जायेगी!   प्रदेश में सांप्रदायिक सद्‌भाव में निरंतर आ रही कमी का दुष्परिणाम गरीब मज़दूर और किसानों को भुगतना पड़ रहा है, उनका ही खून इन दंगों में बहता है।  यह सब तुरन्त बन्द होना चाहिये।

बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि दंगे की निष्पक्ष जांच करके  महिलाओं से छेड़छाड़, गौवंश हत्या आदि  पर प्रभावी रोक लगाने व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करके ही सरकार व्यापक असंतोष को काबू कर सकती है।   बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिनमें प्रांतीय उपाध्यक्ष राकेश त्यागी,  जिला अध्यक्ष अरविन्द सिंह, जिला उपाध्यक्ष ठा. राजपाल सिंह, खचेड़ू सिंह, राजेन्द्र फौजी, धर्मेन्द्र पुंडीर , धर्मसिंह सैनी , चौ. ओमपाल सिंह, गीताराम त्यागी, सत्येन्द्र शर्मा, प्रमोद धीमान आदि प्रमुख रहे।

 

थाना चिलकाना में पैट्रोल पंप पर हुई लूट का खुलासा हुआ

19 सितंबर को निम पैट्रोल पंप पर हुई लूट का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है जिसमें सेल्स मैन मुमताज़ से एक मोबाइल व 92 हज़ार रुपये लूटे गये थे और 35 वर्षीय दिलशाद की हत्या की गई थी।

थाना चिलकाना व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम द्वारा दो अभियुक्त मंसूर पहलवान (पठानपुरा निवासी) और अय्यूब (मछियारान निवासी, थाना कुतुबशेर)  को गिरफ्तार कर लिया गया परन्तु 4 अभियुक्त अकरम, शमशेर, आरिफ फकीर और असलम काला भागने में सफल रहे।

पुलिस पार्टी में श्री परवेज़ आलम, प्रभारी निरीक्षक, चिलकाना, उ.नि. सुशील वर्मा, जगदीश सिंह,  क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक प्रशान्त कपिल, रविन्द्र चन्द्र पंत, हैड कांस्टेबिल मुबारिक हसन, कांस्टेबिल पुष्पेन्द्र शुक्ला, सुहेल खान, संजय सोलंकी आदि शामिल थे।

इमरान मसूद को सपा प्रत्याशी घोषित करने पर मिठाई बांटी

समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्त्ताओं ने सपा से कांग्रेस में और फिर पुनः कांग्रेस से सपा में आये पूर्व सहारनपुर नगर पालिका चेयरमैन व पूर्व विधायक इमरान मसूद को सपा द्वारा लोकसभा प्रत्याशी घोषित करने पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का आभार व्यक्त किया और मिठाई बांट कर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस अवसर पर शाहरुख खान, अजय उर्फ दीपू, राव अनीश, राजीव सैनी, सचिन, सन्नी कांबोज, शिवम, निखिल, देव, दिग्विजय, प्रवीन कुमार, अभिनव, अनिल, देवेन्द्र चौ.  जितेन्द्र राणा, जमाल साबरी आदि उपस्थित थे।

 

चोरों का आतंक

व्यापारी एसोसियेशन चन्द्रशेखर बाज़ार (कक्कड़ गंज)  ने जनरेटरों के कीमती पुर्ज़ों की लगातार चोरी को लेकर पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने पर आक्रोश जताया और विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बन्द कर दीं।    बाद में प्रभारी कोतवाल चावड़ा जी  के चोरों को पकड़ने और सुरक्षा प्रदान करने के आश्वासन पर दुकान खोल दी गईं।

 

कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट: सुशील सैनी

भाजपा किसान मोर्चे के पूर्व प्रदेश मंत्री  सुशील सैनी ने प्रेस नोट जारी करके प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि विकास के नाम पर बसपा सरकार के कार्यकाल में सिर्फ बसपा नेताओं ने अपना विकास किया था और अब सपा शासन में डेढ़ वर्ष में ही जनता त्राहि त्राहि करने लगी है।   सड़कें टूट कर पहले से भी बदतर हो गई हैं,  बिजली पानी की गंभीर किल्लत है, चिकित्सा व्यवस्था चौपट है,  जनपद सहारनपुर के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ आने के बाद बेघरबार होगये गरीबों को राहत देना तो दूर, उनका दुःख दर्द पूछने की भी मंत्रियों को फुरसत नहीं है जबकि लैपटॉप बांटने की होड़ लगी हुई है।   कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट होचुकी है, पुलिसवालों से ही उनकी बंदूकें छीनने की वारदातें होने लगें तो आम जनता की दुरवस्था की कल्पना ही की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जिस समय किसान को खेत में मेहनत करनी होती है, वह गन्ने के बकाया भुगतान के लिये धरने पर बैठा हुआ है।   बेरोज़गारों को रोज़गार देने में असमर्थ सरकार लॉलीपॉप दिखा कर खुश करने की चेष्टा कर रही है।

 

महाराजा अग्रसैन जयन्ती की जोरदार तैयारियां

अग्रकुल प्रवर्तक शिरोमणि महाराजा अग्रसैन की जयन्ती  वैश्य समाज प्रति वर्ष बड़े धूम धाम से मनाता है ।  इस वर्ष भी  वैश्य अग्रवाल सभा समन्वय समिति (रजि.) के बैनर तले, जनपद सहारनपुर में सक्रिय अनेकानेक संस्थाएं अग्रसैन जयन्ती समारोह की तैयारियों में जुट गई हैं।

रविवार 29 सितंबर 2013 से शनिवार 5 अक्तूबर तक चलने वाले “महाराजा अग्रसैन जयन्ती समारोह 2013 का विवरण देते हुए  वैश्य अग्रवाल सभा समन्वय समिति (रजि.) के अध्यक्ष आदेश अग्रवाल व कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि सहारनपुर जनपद के 50 से भी अधिक वैश्य अग्रवाल समाज की संस्थायें  समन्वय समिति से सम्बद्ध हैं जो अपने स्थानीय स्तर पर तो जयन्ती कार्यक्रम का आयोजन करती ही हैं, साथ ही समन्वय समिति द्वारा आयोजित किये जाने वाले सप्ताह भर तक चलने वाले जयन्ती समारोह में भी पूरा सहयोग प्रदान करती हैं।

5 अक्तूबर को शोभा यात्रा

शोभायात्रा प्रभारी आलोक अग्रवाल व रमेश तायल ने इस अवसर पर बताया कि  नयी पीढ़ी के युवाओं में प्रति वर्ष निकाली जाने वाली शोभायात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है ।  प्रातः 10.30 पर अग्रवाल धर्मशाला, गऊशाला रोड़, सहारनपुर से यह शोभायात्रा आरंभ होगी जिसमें हज़ारों  अग्रबंधु, अग्र बहिनें, माताएं व बच्चे सम्मिलित होंगे।  नगर के विभिन्न बाज़ारों को इस अवसर पर तोरण द्वारों से सजाया जायेगा,   शोभायात्रा के मार्ग में जनता निरंतर अपने – अपने घरों की छतों से पुष्पवर्षा करेगी,  विभिन्न धर्मों, संप्रदायों के संगठनों  के पदाधिकारियों द्वारा इस शोभायात्रा का स्थान स्थान पर स्वागत किया जायेगा जो सांप्रदायिक सद्भाव को पुष्ट करता है।   विशेषकर चौक फव्वारे पर जामा मस्जिद के पदाधिकारियों द्वारा भी इस शोभायात्रा का स्वागत किया जाता रहा है।

सप्ताह भर के कार्यक्रम

सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों की श्रंखला का विवरण देते हुए पत्रकारों को जानकारी दी गई कि रविवार 29 सितंबर को प्रातः 9 बजे  महाराजा अग्रसैन चौक, रेलवे रोड, सहारनपुर पर विराजमान महाराजा अग्रसैन की प्रतिमा के सम्मुख ध्वजारोहण व आरती होगी ।  इसके तुरंत बाद 10.30 पर अग्रवाल धर्मशाला में  ध्वजारोहण व उद्‌घाटन कार्यक्रम है।  अन्य कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे –

30 सितंबर – अपराह्न 3 बजे – रसोई की रानी  /  अग्रकुल मेला (अग्रकुल महिला समिति)

1 अक्तूबर – अपराह्न 3 बजे – तोल मोल के बोल (अग्रवाल महिला मित्रमंडल),

1 अक्तूबर – सायं 7 से  10 बजे तक – गोविन्द भार्गव भजन संध्या  (अग्रवाल युवा मंडल)

2 अक्तूबर –  अपराह्न 3 बजे – फैंसी ड्रेस शो ( बच्चों के लिये) ( अग्रवाल महिला समिति)

2 अक्तूबर –  सायं 7 बजे से  – एन. ए. पाशा का मैजिक शो  (अग्रवाल एकता मंच)

3 अक्तूबर – अपराह्न 3 बजे – देशभक्ति गीत (थीम पर) (वैश्य अग्रवाल महिला समिति)

3 अक्तूबर – सायं 7 बजे से –  सांस्कृतिक संध्या (रंजना नैब प्रस्तुति)

5 अक्तूबर – प्रातः 9 बजे – हवन  तत्पश्चात्‌ शोभायात्रा,  अपराह्न 2.30 पर सहभोज कार्यक्रम

कार्यक्रम के सभी आयोजकों ने  समस्त अग्रकुल से आग्रह किया है कि वे अपने – अपने परिवार को लेकर विशाल अग्रकुल परिवार की भावना को प्रगाढ़ करें तथा सामाजिक समरसता और भ्रातृभाव से समाज को ओतप्रोत करने में संस्था के साथ सहभागिता करें।

 

वैश्य अग्रवाल समाज माधव नगर द्वारा जयन्ती कार्यक्रम 16 अक्तूबर को

पिछले लगभग तीन दशकों से  माधव नगर, न्यू माधव नगर, विष्णुधाम, तिलक नगर आदि क्षेत्रों के अग्रकुल वंशजों  को एकसूत्र में पिरोये रखने में तल्लीन वैश्य अग्रवाल समाज माधव नगर ने इस वर्ष का महाराजा अग्रसैन जयन्ती कार्यक्रम आगामी 16 अक्तूबर को निर्धारित किया है।   कार्यक्रम में वैश्य अग्रवाल परिवारों के उन प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करने की भी परम्परा है, जिन्होंने अपने स्कूल, कालेज या कैरियर में कोई विशेष उपलब्धि हासिल की हो !   इसके अतिरिक्त बच्चों की कलात्मक अभिरुचि को प्रोत्साहन देने के लिये कला प्रतियोगिता,  बच्चों के लिये नृत्य प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता व महिलाओं के लिये मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

संस्था के अध्यक्ष अनिल गुप्ता,  महामंत्री आदेश जिन्दल व  कोषाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि  हाई स्कूल में ए ग्रेड, इंटरमीडिएट में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अग्रकुल के बच्चों को सम्मानित किया जायेगा जिसके लिये उनको  व अन्य सभी प्रतियोगियों को  बुधवार 9 अक्तूबर तक अपने नाम लिखा देने चाहियें।

संपर्क सूत्र – श्री अनिल गुप्ता (अध्यक्ष) 9319777266    श्री आदेश जिन्दल (महामंत्री) 9412541910

 

निःशुल्क  हृदय रोग जांच शिविर का आयोजन

पश्चिमी उ. प्र. संयुक्त उ. व्या. मंडल, रोटरी क्लब सहारनपुर ग्रेटर, भारत विकास परिषद्‍ सहारनपुर मेन तथा हृदय ज्योति फाउंडेशन नई दिल्ली के संयुक्त प्रयासों से आज होटल पंजाब,  पोस्ट ऑफिस रोड, सहारनपुर में    निःशुल्क  हृदय रोग जांच शिविर का आयोजन का आयोजन किया गया जिसमें  राष्ट्रीय ख्याति के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल (Fortis Escorts Heart Institute, New Delhi) के कुशल चिकित्सकों ने  हृदय रोगियों की निःशुल्क  जांच कर उनको चिकित्सकीय परामर्श दिया।

इस अवसर पर Fortis के प्रतिनिधि लोकेश कुमार, नेशनल पैथोलॉजी के वरुण चोपड़ा,  व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मुकुन्द मनोहर गोयल, रोटरी क्लब सहारनपुर ग्रेटर के पूर्व अध्यक्ष व  प्रोजेक्ट चेयरमैन अजय शर्मा व भारत विकास परिषद मेन, सहारनपुर के प्रोजेक्ट चेयरमैन दीपक गर्ग के अलावा Dr. Z. S. Meharwal, Director of Cardiovascular Surgery, Fortis Escorts Heart Institute व उनकी वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उपस्थित रही।

उल्लेखनीय है कि Fortis Escorts Heart Institute भारत में सबसे तेज बढ़ते अस्पतालों की श्रंखला – Fortis Healthcare का हिस्सा है जो पिछले 22 वर्षों से हृदय की देखभाल के मामले में अपने अलग मानदंड स्थापित कर रहा है।    200 हृदय रोग विशेषज्ञों  की  कुशल देखभाल व  1600 कर्मचारियों के सहयोग से फोर्टिस इंस्टीट्यूट  वर्ष भर में 14,500 मरीज़ों को भरती करता है  जिनमें   7,200 आपात्कालीन मामले भी होते हैं)  ।

Dr. Z. S. Meharwal ने बताया कि भारत में अकेले 1990 में 23,86,000 मृत्यु हृदय रोग के कारण हुई हैं और यह संख्या 2015 तक दुगनी हो जाने की संभावना है और यह सब हमारी विकृत जीवन शैली, तनावपूर्ण जीवन, दूषित खानपान की आदतों के कारण ही है।

 

एड्स के बारे में जागरुकता बाइक रैली का आयोजन

सहारनपुर जनपद की लोकप्रिय मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रंजना चौधरी, जो  आजकल जनपद में चिकित्सा व्यवस्था में घोर अनियमितताओं के सुधार का बीड़ा उठाये हुए हैं और लगभग रोज़ ही अपने औचक निरीक्षणों व विधिक कार्यवाही के चलते समाचार पत्रों की सुर्खियों में छाई रहती हैं, आज एड्स के बारे में जनजागरुकता हेतु बाइक रैली को हरी झंडी दिखा कर विदा करती दिखाई दीं।   एड्स, यौन रोग व अनचाहे गर्भ से बचने के उपाय के बारे में जन – सामान्य को जागरुक करने के उद्देश्य से इस रैली का आयोजन National Aids Control Organisation व हिन्दुस्तान समाचार पत्र समूह द्वारा किया गया था।

रविकान्त यादव, संचार अधिकारी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में  जनसंख्या की अधिकता के कारण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्व्यास्थ सेवाओं व सफाई की कमी के कारण अनेकानेक बीमारियों को पनपने का मौका मिल रहा है।

 

पं. दीन दयाल उपाध्याय जयन्ती

एकात्म मानववाद के प्रणेता प्रखर चिन्तक व पूर्ववर्ती  जनसंघ (वर्तमान भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. पंडित दीन दयाल उपाध्याय  के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय उपाध्याय समाज ने 25 सितंबर को केक काट कर खुशी मनाई ।

सभा में धर्मपाल, रणधीर, विक्की, अरविन्द, राहुल, नरेशपाल, रविन्द्र, डा. महेन्द्र, मनोज, रामकुमार, बृजपाल, अनिल, अंकुर, विजयपाल, नितिश (सभी उपाध्याय)  आदि सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।

एकात्म मानववाद की अवधारणा

उल्लेखनीय है कि स्व. पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अमेरिकी  पूंजीवाद व कार्ल मार्क्स द्वारा प्रतिपादित मार्क्सवाद की कमियों  को पहचानते हुए एकात्म मानववाद की अवधारणा प्रस्तुत की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि जहां पूंजीवाद के अन्तर्गत व्यक्ति  समाज का दुश्मन बन जाता है, वहीं साम्यवाद में समाज व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन कर्त्ता हो जाता है।  ऐसे में भारतीय ऋषि मुनियों ने जो जीवन पद्धति विकसित की उसे हम एकात्म मानववाद कह सकते हैं ।  इसमें व्यक्ति समाज के लिये और समाज व्यक्ति के हित में कार्य करता है और दोनों ही एक दूसरे की  प्रगति में सहयोगी बन जाते हैं।   अमेरिका व अन्य पाश्चात्य देशों द्वारा प्रतिपादित पूंजीवाद में व्यक्ति की स्वतंत्रता को सर्वोपरि माना गया है भले ही वह समाज के हित के विरुद्ध ही क्यों न जा रही हो।   इसी प्रकार साम्यवाद में समष्टि के हित की बात करते हुए व्यक्ति के हित को कुचल दिया जाता है जबकि अनेकों व्यक्तियों से मिल कर ही तो समाज बनता है।  यदि कोई जीवन पद्धति व्यक्ति को समाज का दुश्मन समझेगी तो फिर समाज का प्रत्येक घटक एक दूसरे का दुश्मन ही दिखाई देगा।    यह सब विकृत चिन्तन का परिणाम होगा।

इसके सर्वथा विपरीत भारतीय चिन्तन शैली में माना गया है कि व्यक्ति को जहां अपने विकास व उन्नति की स्वतंत्रता है वहीं दूसरी ओर समाज को भी उससे  अनेकानेक अपेक्षाएं हैं जिनको पूरा करना उसका धर्म है।  ऐसे में व्यक्तिगत धर्म और सामाजिक धर्म के बीच में तालमेल बैठाने की पद्धति का नाम ही एकात्म मानववाद है।    स्व. पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने  इस जीवन शैली के आधार पर ही देश की रीति-नीति निर्धारित करने की जिम्मेदारी  तत्कालीन जनसंघ (वर्तमान में भाजपा) को सौंपी थी।   परन्तु हम भारतीय हैं और विदेशी शिक्षण व्यवस्था के अन्तर्गत स्कूल कॉलेज की पढ़ाई करते करते यह मानसिकता विकसित कर लेते हैं कि  हम भारतीय अपनी खुद की जीवन पद्धति विकसित करने में समर्थ नहीं हैं ।  हमें या तो पूंजीवादी रास्ते पर चलना होगा या साम्यवादी रास्ते पर !   जो बात विदेश से अंग्रेज़ी पुस्तकों में लिख कर आई है, उससे बेहतर हम भारतीय भला कैसे सोच सकते हैं?   इसी कारण एकात्म मानववाद भारत की विश्व को सर्वश्रेष्ठ देन होने के बावजूद भारत में ही लोकप्रिय नहीं हो पाया है और भारत के अंग्रेज़ी दां अर्थशास्त्री एकात्म मानववाद की ए, बी, सी, डी भी नहीं जानते  और देश को अपनी  आयातित जानकारी व शिक्षा के आधार पर ही चलाना चाहते हैं।

कला संगोष्ठी

आई.एम.ए. भवन में आयोजित कला-संगोष्ठी

आई.एम.ए. भवन में आयोजित कला-संगोष्ठी

सहारनपुर : 4 जून । क्या ललित कलायें बच्चों को एक बेहतर इंसान बनाती हैं? क्या वह बच्चों को एक बेहतर कैरियर भी प्रदान कर सकती हैं? क्या ललित कलाओं का मानव जीवन में अभिन्न स्थान होना चाहिये? सहारनपुर में आज आयोजित की गई कला संगोष्ठी इन मुद्दों पर विशिष्ट कलाकारों के विचार आमंत्रित करने के लिये आयोजित की गई थी जिसमें डा. विज्ञान व्रत (मुख्य अतिथि), डा. आर.पी. शुक्ल (अध्यक्षता), डा.एस.के. कुशवाहा, कुरुक्षेत्र वि. विद्यालय, डा. जगदीश वर्मा, मुज़फ्फरनगर, डा. राम विरंजन, डा. रश्मि शर्मा, डा. ममता सिंह, डा. महावीर सिंह, डा. डी.सी. अग्रवाल, डा. मधु जैन, डा. संतोष बिन्द आदि प्रख्यात् कलाकारों व कलाविदों को आमंत्रित करके एक सार्थक प्रयास किया गया कि कला की शिक्षा को एक जन-आन्दोलन का स्वरूप दिया जाये।

इस अवसर पर बोलते हुए डा. आर.पी. शुक्ल ने कहा कि आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में कार्य करें, उसमें निपुणता व विशिष्टता हासिल करने से ही सफलता और प्रसिद्धि हासिल होती है। कला तो मानव जीवन के जन्म से ही उसके साथ अभिन्न रूप से जुड़ जाती है। कला का सबसे बड़ा योगदान यह है कि यह एक पीढ़ी को पुरानी सारी पीढ़ियों से जोड़े रखती है। हम यदि अपने 5000 वर्ष पुराने पुरखों के बारे में जानते हैं तो यह सिर्फ कला के बलबूते ही संभव हो पा रहा है। केनवास पर, मिट्टी से, पत्थर पर आकृतियां उकेर कर हम अपने वर्तमान को स्थायित्व देते हैं, उसे अमर कर देते हैं। मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए डा. विज्ञान व्रत ने कहा कि यदि हमें बच्चों को संवेदनशील बनाना है तो ललित कलाओं के प्रति उनमें रुचि जाग्रत करने के लिये हमें प्रयास करने होंगे। डा. रामबली प्रजापति ने कला बाज़ार और कला के अर्थशास्त्र पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बाहर से विशेष आमंत्रण पर पधारे सभी अतिथियों को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया।

इससे पहले गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अरिमर्दन गौड़ ने इस कला-अभियान के महत्व एवं उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की पीढ़ी कला से दूर हो रही है, स्कूल कालेजों में कला विषय व कला संकाय धीरे – धीरे बन्द किये जा रहे हैं क्योंकि इन विषयों के लिये छात्र ही नहीं मिल रहे हैं। समाज में विषमता, कटुता, वैमनस्य बढ़ रहे हैं। कला को जीवन से दूर करने के ये दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि देश के लब्धप्रतिष्ठ कलाकारों को एक मंच पर लाकर इस मुद्दे पर न सिर्फ चर्चा कराई जाये बल्कि उनके व्यक्तित्व व कृतित्व से बच्चों को प्रेरित किया जाये, उनको रोल मॉडल के रूप में बच्चों के सम्मुख प्रस्तुत किया जाये। इसके लिये 5 जून से 15 जून तक स्थानीय एस.डी. इंटर कालिज में कला की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विशिष्ट कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन बच्चों के सम्मुख करेंगे ताकि बच्चे एक कलाकृति का निर्माण होता हुआ अपने सम्मुख देख सकें और उससे प्रेरणा ग्रहण कर सकें। इसके पश्चात्‌ दि. 16 जून को एस.डी. इंटर कालिज में ही कला प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। 17 जून से 19 जून तक स्थानीय जनमंच में सद्यःनिर्मित वातानुकूलित कलादीर्घा में कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा।

कार्यक्रम का संचालन राकेश शर्मा ने किया।

मदर्स डे पर कार्यक्रमों की भरमार

mother-and-child  सहारनपुर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आजकल मदर्स डे के सुअवसर पर कार्यक्रमों की भरमार हो रही है।   इसी श्रंखला में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, न्यू आवास विकास, जैन डिग्री कालेज रोड और डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, रसूलपुर बेहट रोड पर भी रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सोनिया विहार स्थित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम परंपरागत ढंग से गायत्री मंत्रोच्चार के साथ किया गया जिसमें विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री मीनू भट्टाचार्य एवं इंचार्ज श्री कमल लूथरा सहित समस्त शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत में इति जैन और आस्था कंसल (कक्षा ६ और ७)  ने मां शीर्षक पर मनमोहक कविता प्रस्तुत की और कक्षा १० की शिखा वर्मा ने गीत प्रस्तुत किया।   इसके बाद विद्यालय की प्रधानाचार्या द्वारा लिखित एकांकी “मां का हृदय” का मंचन किया गया जिसका निर्देशन स्वयं सुश्री मीनू भट्टाचार्या ने किया।   सलोनी पंवार, दीपक शर्मा, हरियश, मधुकर पाठक, आशू चौधरी, आदिल, शिखा वर्मा, दीक्षा और वंशिका ने सशक्त अभिनय से दर्शकों को बहुत प्रभावित किया।

डी ए वी विद्यालय के इंचार्ज कमल लूथरा ने मां शब्द की व्याख्या करते हुए जीवन में उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।   प्रधानाचार्या ने कहा कि हम सभी को अपने मां-बाप का दिल से सम्मान करना चाहिये जो न केवल हमें अस्तित्व देते हैं वरन्‌ न जाने कितने कष्ट सह कर भी हमारा पालन-पोषण करते हैं,  अपने खर्चों में कटौती करके भी हमारी शिक्षा का प्रबन्ध करते हैं, हमें योग्य नागरिक बनाने में हमारी मदद करते हैं।

रसूलपुर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में ग्रीटिंग कार्ड प्रतियोगिता / हिन्दी व अंग्रेज़ी में कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं  ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

’अ’  और ’ब’  दो वर्गों में विभाजित इस प्रतियोगिता में अंशुल, ऋषभ सैनी, प्रियंका गोयल, रिज़ा, दिया, अलबिशा, हिमांशी, वैष्णवी, ज़ीनत, खुशी शर्मा, आयुषी गर्ग, गोपाल, नन्दिता, महिमा, रिया चौधरी, हिमांशु, करुणा सैनी, दिव्या, आस्था और निष्ठा की कवितायें व ग्रीटिंग कार्ड बहुत सराहे गये।  “खुदा का करिश्मा है मां / मेरे दिल की आवाज़ है मां / दर्द बिन कहे पहचान लेती है मां / इस धरती पर भगवान है मां !  जैसी कवितायें बहुत प्रभावी रहीं।

विद्यालय की प्रभारी श्रीमती नीता मिगलानी ने कहा कि मां बच्चे की प्रथम शिक्षिका है, वह ही बच्चे को उंगली पकड़ कर चलना सिखाती है और बच्चे के सर्वांगीण विकास में सबसे प्रमुख भूमिका निभाती है।  जिस प्रकार मंदिर में भगवान की पूजा की जाती है, उसी प्रकार घर में, बच्चों को उनको महत्वपूर्ण भूमिका के लिये भगवान की तरह पूजनीय मानना चाहिये।

कैफी आज़मी पर गोष्ठी व ग़ज़ल कार्यक्रम

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पद्मश्री कैफी आज़मी ( 1919 – 10 मई 2002)

सहारनपुर : 10 मई ।   जागरुक महिला संस्था परचम ने आज प्रसिद्ध फिल्म गीतकार पद्मश्री  कैफी आज़मी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के लिये हिन्दू कन्या इंटर कालेज,  बाबा लालदास रोड परिसर में गोष्ठी व ग़ज़ल कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।   नौजवान भारत सभा के रवीन्द्र कुमार ने कहा कि उर्दू के अहम इंकलाबी शायर कैफी़ आज़मी का जन्म 1919 में आज़मगढ़ जनपद के मज़वां ग्राम में एक जमींदार परिवार में हुआ था। कैफी आज़मी नाम से विख्यात इस प्रसिद्ध गीतकार का वास्तविक नाम अख्तर हुसैन रिज़वी था।   उनकी पत्नी शौकत आज़मी रंगकर्मी व लेखिका हैं तथा पुत्री और दामाद शबाना आज़मी व जावेद अख्तर हैं – जो राज्यसभा से सांसद हैं।    सरदार अनवर ने कहा कि उनका पहला कलाम 1943 में “झंकार” के नाम से और 1947 में “आखिरी शब”, तीसरा “आवारा सज़दे” 1973 और “मेरी आवाज़ सुनो” 1974 में शाया हुआ।   वह ऐसे इंकलाब के पैरोकार थे जिसमें कोई गरीबी और मुफलिसी का शिकार न रहे, समाज में सबको बराबर का हक़ और दर्ज़ा मिले।

जु़बैर खान ने कहा कि कैफी आज़मी साहब अक्सर कहा करते थे कि वह गुलाम हिन्दुस्तान में पैदा हुए और आज़ाद हिन्दुस्तान में जी रहे हैं और सोशलिस्ट हिन्दुस्तान में मरना चाहेंगे।   मौ. तारिक ने उनकी ग़ज़ल ’कोई तो सूद चुकाये, कोई तो जिम्मा ले उस इंकलाब का जो आज तक अधूरा है।”  को याद किया।

कैफी आज़मी द्वारा सैंकड़ों फिल्मों के लिये यादगार और मशहूर गीत लिखे गये जिनमें हीर रांझा, आखरी ख़त, कागज़ के फूल, शोला और शबनम, शमा, हिन्दुस्तान की कसम, तमन्ना, पाकीज़ा (यूं ही कोई मिल गया था, सरे राह चलते चलते)  आदि संगीत प्रेमियों की ज़ुबां पर आज तक मचलते हैं।   वह सिर्फ गीतकार ही नहीं थे, हिन्दुस्तान के बंटवारे को लेकर बनी फिल्म ’गर्म हवा’ के लेखक होने के नाते उनको राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।   झनकार की नज़्म “औरत”  शायला ने अपनी खूबसूरत आवाज़ में पेश की।   सुषमा रानी ने “तुम इतना जो मुस्कुरा रही हो, क्या ग़म है जिसको छुपा रही हो”  सुना कर वाहवाही बटोरी।  राहिला ने “वक्त न किया, क्या हसीं सितम, तुम रहे न तुम, हम रहे न हम”  गाकर इस अमर गीतकार को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए काज़ी नदीम ने कहा कि कौमी एकता, आपसी भाईचारा, औरतों की इज़्ज़त और मर्यादा कैफी आज़मी ने सबसे अधिक प्रिय विषय रहे जिन पर उनकी कलम निरंतर चलती थी।   कैफी आज़मी की योग्य सुपुत्री शबाना आज़मी आज भी कैफी साहब द्वारा आज़मगढ़ के मिज़वां में  स्थापित किये गये लड़कियों के स्कूल को उत्तरोत्तर प्रगति की ओर ले जा रही हैं।    गोष्ठी का कुशल संचालन करते हुए हिन्दू कन्या इंटर कालिज की प्रधानाचार्य डा. कुदसिया अंजुम ने कैफी आज़मी की एक इंकलाबी नज़्म सुनाई “आज की रात बहुत तेज़ हवा चलती है, आज की रात न फुटपाथ पे नींद आयेगी।  सब उठें, मैं भी उठूं, तुम भी उठो, कोई खिड़की इसी दीवार में खुल जायेगी।”   मौ. फैसल ने “मेरी आवाज़ सुनो, प्यार का राग सुनो”  गाकर तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम में १० मई १८५७ के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Mothers’ Day Special – II

Little Angles School

Little students poured their hearts out while preparing greeting cards for their dear mom on the occasion of Mother’s Day.  चलना सीखा मैने, तेरी उंगली पकड़ के मां !
बुढ़ापे में तेरी लाठी बन सकूं ए मां !!

On this day, school also organised a host of musical events, party games and partying.  The Principal Manish Mangal offered his gratitude towards his mother by touching her feet and thus offered his example for the benefit of his students.  He also extracted promises from his students that they won’t ever hurt their mother’s heart.

Pari, Simra, Bhavya, Bhoomi, Ahna, Riddhi, Siddhi, Siya, Lavanya, Ajal, Dolly, Rohani, Dev Manasvi, Peehu  performed a group dance to stole hearts of everyone.  Swati, Nishtha, Praati, Vandana, Radhika, Shweta, Mitushi and other teachers played crucial role in making the program a great success.

M G M’s Kids Heaven School

Various games and competitions were organised by Kids Heaven School also at Bapuji Nagar.  Lemon Rate, Musical Chair, Greeting Card competition etc., were organised in which Samarth, Ojaswi, Farhan, Shikha, Riya, Riyanshi, Aditya, Kartik, Pushkar, Govind, Litika, Nishant, Gunjan, Vanshika, Rohan, Abhimanyu, Mehul, Vansh, Suruchi and many more children participated in songs, dances and games.  The Principal Sadhna Singhal and her school teachers e.g. Preeti, Kangana, Neha shared their experiences and feelings about the importance of mother in their respective life.

The Manager of the School Harsh Singhal congratulated everyone on Mother’s Day and vowed to celebrate the Day year after year.

Jaya Public School

In a fun-filled programme at Jaya Public School, parents, teachers and students interacted through various interesting activities and games.  Poetry and songs in praise of mothers were recited by different students and teachers.  Lemon Race, Musical chair, Public Speaking Competition, Dance competiton also were organised.

The children who participated in the programme included Matansha, Taniya, Bhumi, Aish, Vanshika, Shamka, Abdul, Harshit, Shubhani, Abdulla, Sanjana, Arnav, Yogesh etc.  The Principal of the school Saurabh Gupta congratulated the students and their mothers on Mothers’ Day.   Kavita Saini, Rakhi Dhiman, Monika Chauhan, Niharika Gautam and other teachers actively participated in various events.  The programme was convened by Dipika Madaan.

 

Welcome to Literary World Dr. Banerjee

सहारनपुर २१ अप्रैल ।   दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में आयोजित  आई.एम.ए. के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए द सहारनपुर डॉट कॉम के संस्थापक संपादक सुशान्त सिंहल ने  सहारनपुर के प्रख्यात बालरोग विशेषज्ञ डा. विवेक बैनर्जी,  के अंग्रेज़ी कथासंग्रह ’शेड्स ऑफ सिन’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि  डा. विवेक बैनर्जी ने उपन्यासकार और कथाकार के रूप में स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित कर के यह सिद्ध कर दिया है कि वह एक ऐसे बहुआयामी चिकित्सक हैं जो अपनी चिकित्सकीय योग्यता के बल पर बच्चों के शारीरिक रोग दूर कर रहे हैं और अपनी लेखन क्षमता के सहारे समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को दूर कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि डा. विवेक बैनर्जी ने जो विषय अपनी कथाओं के लिये उठाये हैं, वह बहुत साहस पूर्ण कार्य है। Continue reading